मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में माँ नर्मदा के तट पर स्थित महेश्वर (अहिल्या नगरी) अपनी अद्भुत धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक सुंदरता के लिए विश्व प्रसिद्ध है। लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर द्वारा निर्मित यहाँ के विशाल और भव्य अहिल्या घाट पर नर्मदा नदी का शांत और विहंगम रूप देखने को मिलता है।
यदि आप ओंकारेश्वर या इंदौर की यात्रा पर हैं, तो महेश्वर का नर्मदा घाट आपकी हिटलिस्ट में जरूर होना चाहिए। जानिए इस विस्तृत महेश्वर नर्मदा घाट गाइड में घाट के मुख्य आकर्षण, बोटिंग, किला दर्शन और सुगम कैब ट्रांसफर की पूरी जानकारी।
🗺️ महेश्वर नर्मदा घाट: मुख्य विवरण (Quick Travel Snapshot)
महेश्वर यात्रा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी एक नज़र में:
📌 महेश्वर घाट पर क्या-क्या देखें? (Top Highlights)
मराठा वास्तुकला की नक्काशीदार छत्रियाँ, सुंदर सीढ़ियाँ और अहिल्या किला (राजवाड़ा) जहाँ देवी अहिल्याबाई की गद्दी स्थित है।
घाट से नाव लेकर नर्मदा नदी के बीचों-बीच स्थित प्राचीन बाणेश्वर महादेव मंदिर और सूर्यास्त का विहंगम दृश्य देखें।
किले के परिसर में स्थित ‘रेवा सोसाइटी’ में पारंपरिक हस्तनिर्मित रेशमी व सूती महेश्वरी साड़ियों की बुनाई देखें और खरीदारी करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (Frequently Asked Questions)
दोपहर 3:30 से 4:00 बजे का समय सबसे सही माना जाता है। इस समय आप पहले किला व वाड़ा घूम सकते हैं और फिर शाम 5:30 से 7:00 बजे के बीच घाट पर सूर्यास्त, बोटिंग और नर्मदा आरती का आनंद ले सकते हैं।
हाँ, महेश्वर घाट से मोटरबोट किराए पर लेकर या सड़क मार्ग से (लगभग 5 किमी) सहस्रधारा जलप्रपात जाया जा सकता है जहाँ नर्मदा नदी अनेक धाराओं में बँटकर बहती है।



