मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में माँ नर्मदा के बीच ‘ॐ’ आकार के पर्वत (मानधाता द्वीप) पर विराजमान श्री ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग भगवान शिव के 12 पवित्र ज्योतिर्लिंगों में से अत्यंत फलदायी तीर्थ माना जाता है। यहाँ ओंकारेश्वर (नर्मदा द्वीप पर) और अमलेश्वर/ममलेश्वर (दक्षिण तट पर) के रूप में दो प्रमुख मंदिर स्थित हैं।
यदि आप पहली बार इस पवित्र धाम की यात्रा करने जा रहे हैं, तो यह विस्तृत ओंकारेश्वर ट्रैवल गाइड आपके सफर को सुगम, सुरक्षित और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध बनाने में मदद करेगी।
🗺️ ओंकारेश्वर यात्रा: मुख्य बिंदु (Quick Travel Snapshot)
आपकी यात्रा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी एक नज़र में:
📌 ओंकारेश्वर में क्या-क्या देखें? (Top Attractions)
नर्मदा नदी के उत्तर और दक्षिण तट पर स्थित दोनों ज्योतिर्लिंग स्वरूपों का दर्शन करना एक पूर्ण यात्रा मानी जाती है।
लगभग 7 किमी की यह पैदल परिक्रमा आपको प्राचीन सिद्धनाथ मंदिर, संगम स्थल और खूबसूरत नर्मदा दृश्यों से होकर ले जाती है।
नगर घाट, अभय घाट या कोटी तीर्थ घाट पर पावन स्नान करें और शाम के समय बोट राइड से द्वीप का विहंगम दृश्य देखें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (Frequently Asked Questions)
इंदौर से ओंकारेश्वर की दूरी लगभग 75 किमी है, और सेडान या SUV कैब से जाने पर 2 से 2.5 घंटे का समय लगता है।
सुबह 05:30 बजे से 07:30 बजे के बीच का समय सबसे उत्तम रहता है जब भीड़ कम होती है और आसानी से जल अभिषेक किया जा सकता है।



