भारतीय दर्शन के इतिहास में आदि शंकराचार्य एक ऐसे ज्योतिपुंज हैं जिन्होंने अपने अल्प जीवनकाल (लगभग 32 वर्ष) में ही सनातन धर्म को एक नई […]