पवित्र नर्मदा नदी और विंध्याचल-सतपुड़ा पहाड़ियों के बीच बसा ओंकारेश्वर (Omkareshwar) न केवल एक प्रमुख ज्योतिर्लिंग तीर्थ है, बल्कि प्राकृतिक सुंदरता का अद्भुत केंद्र भी […]
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आदि शंकराचार्य की ओंकारेश्वर यात्रा: गुरु गोविंदाचार्य और अद्वैत दर्शन
सनातन संस्कृति और अद्वैत वेदांत दर्शन (Advaita Vedanta) के महान पुंज आदि शंकराचार्य और ओंकारेश्वर (Adi Shankaracharya and Omkareshwar) का संबंध अत्यंत अलौकिक एवं ऐतिहासिक […]
ओंकारेश्वर की किंवदंतियाँ और कहानियाँ: शिव, पार्वती, अगस्त्य ऋषि | पौराणिक महत्व
पवित्र नर्मदा नदी के मध्य ‘ॐ’ के आकार में बसे मांधाता द्वीप पर विराजमान ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग (Omkareshwar Jyotirlinga) का सनातन धर्म में अत्यंत महिमामयी स्थान […]
ओंकारेश्वर और मांडू: एक ही यात्रा में आध्यात्मिकता और इतिहास का संगम
मध्य प्रदेश के मालवा अंचल में स्थित ओंकारेश्वर और मांडू (Omkareshwar to Mandu) का सर्किट आध्यात्मिकता और प्राचीन स्थापत्य कला का अनुपम मेल है। ओंकारेश्वर […]
ओंकारेश्वर और महेश्वर यात्रा: दो पवित्र नगरी
मध्य प्रदेश के मालवा क्षेत्र में नर्मदा नदी के तट पर स्थित ओंकारेश्वर और महेश्वर (Omkareshwar Maheshwar Yatra) अध्यात्म, इतिहास और प्राकृतिक सुंदरता का अद्भुत […]
ओंकारेश्वर-ममलेश्वर: एक दिन का कुशल यात्रा कार्यक्रम
शिवपुराण एवं अन्य धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, चतुर्थ ज्योतिर्लिंग का स्वरूप दो भागों में विभक्त है—ओंकारेश्वर और ममलेश्वर (Omkareshwar and Mamleshwar)। नर्मदा के मानधाता द्वीप […]
ओंकारेश्वर: 12 ज्योतिर्लिंगों में एक अद्वितीय आध्यात्मिक अनुभव
द्वादश ज्योतिर्लिंगों में चतुर्थ स्थान पर विराजमान ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग (Omkareshwar Darshan) मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में पवित्र नर्मदा नदी के मध्य ॐ आकार के […]
अगस्त्य मुनि और ओंकारेश्वर की कथा – पवित्र अनुभव और महत्व
सनातन परंपरा में ओंकारेश्वर और महर्षि अगस्त्य मुनि (Omkareshwar and Agastya Muni) का संबंध अत्यंत महत्वपूर्ण और पौराणिक गाथाओं से भरा हुआ है। ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग […]
ओंकारेश्वर और आदिगुरु शंकराचार्य
सनातन धर्म के पुनरुद्धारक और अद्वैत वेदांत के महान प्रवर्तक आदिगुरु शंकराचार्य (Adiguru Shankaracharya and Omkareshwar) का ओंकारेश्वर की पावन भूमि से अत्यंत गहन और […]
ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग – ओंकारेश्वर का अद्वितीय शिवधाम
शिव पुराण एवं सनातन परंपरा के अनुसार, चौथे ज्योतिर्लिंग की यात्रा तब तक अधूरी मानी जाती है जब तक भक्त श्री ओंकारेश्वर और श्री ममलेश्वर […]