मध्य प्रदेश के मालवा व निमाड़ अंचल में पवित्र मां नर्मदा के तट पर स्थित ओंकारेश्वर और महेश्वर (Omkareshwar & Maheshwar Circuit) भारत के सबसे पवित्र और मनमोहक यात्रा परिपथों में से एक हैं।
जहाँ एक ओर ओंकारेश्वर 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक अत्यंत पावन आध्यात्मिक धाम है, वहीं दूसरी ओर महेश्वर लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की राजधानी, भव्य नर्मदा घाटों, ऐतिहासिक अहिल्या किले और विश्वप्रसिद्ध महेश्वरी साड़ियों के लिए विख्यात है। आइए जानें इस संपूर्ण यात्रा का मार्ग, दूरी, दर्शनीय स्थल और कैब बुकिंग की पूरी जानकारी।
🗺️ महेश्वर – ओंकारेश्वर यात्रा: एक नज़र में (Yatra Quick Facts)
दोनों पावन नगरों की यात्रा से जुड़े मुख्य बिंदु:
📌 महेश्वर – ओंकारेश्वर टूर के 3 मुख्य पड़ाव (Key Highlights)
शिवपुरी/मांधाता द्वीप पर ‘ॐ’ आकार में बसे भगवान ओंकारेश्वर और नर्मदा पार स्थित ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग का महापूजन।
देवी अहिल्याबाई होल्कर के ऐतिहासिक किले की नक्काशी, राजगादी दर्शन और नर्मदा तट पर ढलते सूरज (Sunset) का मनोरम दृश्य।
सहस्रधारा में बोटिंग का आनंद लें और रेवा सोसाइटी व स्थानीय बुनकरों से प्रसिद्ध प्रामाणिक महेश्वरी साड़ियों की खरीदारी करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (Frequently Asked Questions)
अक्टूबर से मार्च तक का समय (सर्दियों का मौसम) यहाँ घूमने के लिए सबसे उत्तम होता है, जब मौसम सुहावना रहता है और नर्मदा नदी में बोटिंग का आनंद आसानी से लिया जा सकता है।
जी हाँ, आप सुबह इंदौर से निकलकर पहले ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग दर्शन कर सकते हैं और फिर महेश्वर भ्रमण के बाद शाम तक इंदौर वापस लौट सकते हैं।



